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विपक्षियों ने PM को परिचय न कराने दिया, तो सभापति बोले- मर्यादा न भूलें

मानसून सत्र का आगाज हंगामेदार रहा, पहले ही दिन लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में विपक्ष के विरोध के चलते प्रधानमंत्री अपने नए मंत्रियों का परिचय नहीं करवा पाए तो वहीं राज्यसभा में भी ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला। विपक्ष के प्रदर्शन के चलते सदन कई बार स्थगित हुआ, दो बजे के बाद शुरू हुई सदन की कार्यवाही में विपक्ष का विरोध बदस्तूर जारी रहा। जिसके चलते राज्यसभा 3 बजे तक और लोकसभा 3.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा में हंगामा: राज्यसभा में सरकार का विरोध करते सदस्य वेल तक पहुंच गए। जिस पर राज्यसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से मर्यादा में रहने की अपील की। विरोध के राज्यसभा पहले 12.24 बजे तक के लिए स्थगित की गई थी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष का विरोध बदस्तूर जारी रहा, लिहाजा राज्यसभा भी दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही भी दो बजे तक के लिए स्थगित की गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुस्सा राज्यसभा में भी फूटा। विपक्ष की मानसिकता को महिला विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि दलित-आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि से कुछ लोगों को पीड़ा हो रही है। विपक्ष को आदिवासी मंत्री का परिचय पसंद नहीं है। इनकी मानसिकता महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि सदन में ऐसा पहली बार देखा जा रहा है।

लोकसभा में पीएम को नहीं कराने दिया नए मंत्रियों का परिचय: कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसान आंदोलन से लेकर मंहगाई तक पर नारेबाजी होने लगी। इसी बीच पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया, वह नए मंत्रियों का परिचय कराना चाह रहे थे लेकिन हंगामा जारी रहा। प्रधानमंत्री भी हंगामे के बीच बोलते रहे। भारी हंगामे के बीच उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि कई दलित भाई मंत्री बने हैं। हमारे कई मंत्री ग्रामीण इलाकों से आए है, लेकिन कुछ लोगों को ये रास नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि मैं तो सोच रहा था कि आज सदन में उत्साह का वातावरण होगा क्योंकि बहुत बड़ी संख्या में महिला सांसद, दलित भाई, ​आदिवासी, किसान परिवार से सांसदों को मौका मिला। हंगामे के चलते लोकसभा दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला सदन की गरिमा बरकरार रखने की अपील करते रहे लेकिन इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला। वह बार-बार बोलते रहे कि यह ठीक नहीं है। सदन में परंपरा का पालन होना चाहिए और नए मंत्रियों का परिचय कराने देना चाहिए लेकिन विपक्ष के नेता सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे।

 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नये मंत्रियों का परिचय कराने के दौरान कांग्रेस सदस्यों के हंगामे को दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने संसद में ऐसा दृश्य अपने 24 वर्ष के संसदीय जीवनकाल में नहीं देखा।

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