Monday, October 18EPS 95, EPFO, JOB NEWS

15000 की लिमिट हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, EPS 95 पेंशन फंड में हर महीने रू 1250 की जगह जमा होंगे रु 2083

EPS 95 पेंशन फंड में हर महीने रू 1250 की जगह जमा होंगे रु 2083 

EPS – 95 Pension: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लगभग 6.5 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए बड़ी खबर है। आपके पेंशन फंड की सीलिंग को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। EPFO के सूत्रों की मानें तो सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों को PF के दायरे में लाना चाहती है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, EPS पेंशन में 15000 रुपए की लिमिट है। ऐसे में पेंशन फंड में हर महीने अधिकतम 1250 रुपए ही जमा हो सकते हैं। अब अगर सीलिंग पर फैसला होता है तो सीधे तौर पर बेसिक सैलरी की सीलिंग बढ़ जाएगी। सूत्रों की मानें तो इसे बढ़ाकर 25000 रुपए किया जा सकता है।

बेसिक सैलरी की सीलिंग?

EPF कॉन्ट्रिब्यूशन के लिए इस वक्त 15000 रुपए बेसिक सैलरी की सीलिंग (लिमिट) है। इसे बढ़ाया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति की बेसिक सैलरी 30000 रुपए है तो उस सैलरी पर उसका 12 फीसदी कंट्रीब्यूशन प्रोविडेंट फंड (Provident Fund contribution) में जमा होता है। इतना ही शेयर एम्प्लॉयर (Employer) के खाते से भी होता है। लेकिन, एम्प्लॉयर के हिस्से को दो जगह जमा किया जाता है। पहला- EPF और दूसरा- पेंशन (EPS)।

पेंशन फंड में जमा होते हैं सिर्फ 1250 रुपए

एम्प्लॉयर के 12 फीसदी हिस्से को भी 30000 रुपए की बेसिक सैलरी पर ही जमा होगा। लेकिन, पेंशन फंड में बेसिक सैलरी की सीलिंग 15000 रुपए है। लिमिट होने की वजह से बेसिक सैलरी (15000) का 8.33 फीसदी हिस्सा सिर्फ 1250 रुपए ही जमा होता है। लेकिन, लिमिट बढ़ाकर 25000 रुपए हो सकती है। ऐसा होने पर कैलकुलेशन 25000 रुपए पर होगा। मतलब 2082.50 रुपए (2083 रुपए) पेंशन फंड में जमा हो सकेंगे। इससे पेंशन में भी इजाफा हो सकेगा।

30000 रुपए के हिसाब से मौजूदा स्ट्रक्चर को समझें

बेसिक सैलरी- 30000 रुपए
कर्मचारी का कंट्रीब्यूशन- 12 फीसदी के हिसाब से 3600 रुपए
एम्प्लॉयर का कंट्रीब्यूशन-12 फीसदी का 3.67 फीसदी के हिसाब से 2350 रुपए
पेंशन में कंट्रीब्यूशन- 8.33 फीसदी के हिसाब से 1250 रुपए

सीलिंग बढ़ाने पर हो सकता है फैसला

EPFO के एक ट्रस्‍टी केई रघुनाथन के मुताबिक, मौजूदा वक्त में बेसिक सैलरी की सीलिंग 15 हजार रुपए है, जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपए तक करने का प्रस्ताव रखा जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट इसे तय कर सकता है। अगर पेंशन सीलिंग बढ़ाने पर फैसला होता है तो निश्चित तौर पर पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर होगी। पेंशन फंड बढ़ने के अलावा दूसरा फायदा यह भी है कि बेसिक सैलरी सीलिंग के ऊपर जिन लोगों की सैलरी है, उनके लिए PF का कॉन्ट्रिब्यूशन वैकल्पिक होता है। ऐसे में अब इस दायरे में ज्यादा लोग आ सकेंगे।

6.5 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के रिटायर्ड एन्फोर्समेंट ऑफिसर भानु प्रताप शर्मा के मुताबिक, अगर यह फैसला होता है तो इसका फायदा 6.5 करोड़ EPFO सब्सक्राइबर्स को मिलेगा। पहला ये कि ज्यादा लोग इसके दायरे में आएंगे और दूसरा एम्प्लॉयर का शेयर बढ़ेगा तो पेंशन फंड (Pension fund EPS) में भी इजाफा होगा।

यूनिवर्सल मिनिमम वेज का फॉर्मूला

सूत्रों की मानें तो सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (CBT) के मेंबर्स Pension Fund पर लगी लिमिट को बढ़ाने के पक्ष में हैं। इसके पीछे दो तरह की दलील हैं। पहला- देश भर में जो यूनिवर्सल मिनिमम वेज (Universal Minimum Wage) का फॉर्मूला लागू किया जाना है, उसमें सैलरी 18 हजार रुपए के करीब निर्धारित की जा सकती है। ऐस में जो मौजूदा सैलरी सीलिंग है, उसमें बढ़ोतरी करने की जरूरत है। इसके जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को EPFO में लाने में मदद मिलेगी और सोशल सिक्योरिटी बढ़ेगी।

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