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Tata Is Preparing To Fly Maharaja Again, Will Air India’s Head Quarter Shift To Bombay House

Air India Disinvestment: रतन टाटा का एयर इंडिया को वापस लाने का सपना सच साबित होता हुआ दिख रहा है. उनके पूर्ववर्ती जेआरडी टाटा की तरफ से साल 1932 में टाटा एयरलाइन्स की शुरुआत की गई थी. बाद में यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी हो गई और साल 1953 में सरकार ने टाटा एयरलाइन्स का अधिग्रहण कर लिया था. घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की इस एयरलाइन्स के लिए टाटा समूह ने वित्तीय बोली लगाई है.

जब इस बारे में पूछा गया तो टाटा संस के प्रवक्ता ने एयर इंडिया के लिए टाटा की ओर से वित्तीय बोली लगाने की एबीपी न्यूज़ से पुष्टि की. हालांकि, उन्होंने इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया. डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने एक ट्वीट के जरिए पुष्टि की है कि ट्रांजेक्शन एडवाइजर ने एयर इंडिया के विनिवेश के लिए वित्तीय बोली लगाई गई है. उन्होंने कहा कि “प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है. ”   

भारत के पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से और कम लागत वाली विमानन के लिए एयरलाइन का राष्ट्रीयकरण किया गया था. 63 साल बाद रतन टाटा जो एक खुद प्रशिक्षित पायलट हैं, उन्होंने एयर इंडिया को वापस टाटा के पाले में वापस लाने को लेकर उत्सुक थे.

बेक्सले एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक उत्कर्ष सिन्हा ने एबीपी न्यूज से कहा कि “टाटा के विमानन कौशल के बारे में संदेह को उनके विस्तारा ऑपरेशन को देखते हुए आंशिक रूप से उस पर विराम देना चाहिए. हालांकि, इस पर डील होना अभी बाकी है लेकिन उनका संचालन उच्च स्तर का है.”

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